अल्मोड़ा। राज्य स्थापना दिवस पर उत्तराखंड क्रांति दल ने चौघानपाटा गांधी पार्क में धरना-प्रदर्शन कर सरकार की नीतियों का विरोध किया। इस दौरान कई जनगीत गाये और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। यूकेडी नेताओं ने गैरसैंण को स्थाई राजधानी घोषित करने की मांग उठाई। साथ ही राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन प्रेषित किया।
धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड के गठन हुए पच्चीस वर्ष पूरे हो गए है लेकिन राज्य की जो मूल अवधारणा थी वह अब तक साकार नहीं हो पाई है। भाजपा- कांग्रेस दोनों ने बारी-बारी से शासन कर जनता की उम्मीदों पर पानी फेरने का काम किया है। दल ने राज्य के विकास और जनता की आकांक्षाओं से जुड़ी ग्यारह सूत्रीय मांगों पर कार्यवाही करने की मांग की है। जिसमें गैरसैंण को स्थाई राजधानी घोषित करने, शराबबंदी लागू करने, 1950 का मूल निवास कानून लागू करने और पुरानी पेंशन बहाली मुख्य रूप से शामिल हैं। यूकेडी नेताओं ने कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो दल राज्यव्यापी आंदोलन करने को मजबूर होगा।
धरना प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष दिनेश जोशी, महानगर अध्यक्ष मोहित शाह, गिरीश नाथ गोस्वामी, दीपा जोशी, गणेश मुस्यूनी, पान सिंह लटवाल, किरण मेहरा, जिला उपाध्यक्ष सुजीत टम्टा समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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