पुल के दोनों ओर प्रवेश द्वार पर केदारनाथ धाम जैसी आकृति बनाई गई है। पुल पर हल्के चौपहिया वाहन भी आवाजाही करेंगे। 24 व 25 अप्रैल को पुल की तकनीकी जांच की जाएगी। जल्द ही यह पुल आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
इस बार चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ऋषिकेश में रोमांच का नया ठिकाना तैयार है। मुनि की रेती में बजरंग सेतु का निर्माण पूरा हो चुका है, जहां पर्यटक कांच के फर्श पर चलते हुए गंगा की लहरों को निहार सकेंगे। 24 व 25 अप्रैल को पुल की तकनीकी जांच की जाएगी। जल्द ही यह पुल आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा
ऐतिहासिक लक्ष्मणझूला पुल के समीप वर्ष 2022 में लोक निर्माण विभाग नरेंद्रनगर की ओर से बजरंग सेतु पुल का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। करीब 69.20 करोड़ की लागत से बनने वाला पुल 132.30 मीटर लंबा और पांच मीटर चौड़ा है। पुल के दोनों साइड में डेढ़-डेढ़ मीटर का 65 मिमी की मोटाई वाला पारदर्शी कांच का फुटपाथ बन गया है।
पुल के दोनों ओर प्रवेश द्वार पर केदारनाथ धाम जैसी आकृति बनाई गई है। पुल पर हल्के चौपहिया वाहन भी आवाजाही करेंगे। लक्ष्मणझूला पुल के अनिश्चितकाल के लिए बंद होने के बाद इस पुल को ऐतिहासिक पुल के बड़े विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।
पुल का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। मंगलवार और बुधवार को पुल की तकनीकी जांच की जाएगी। जिसमें हवा व तापमान सहने का परीक्षण किया जाएगा। विभाग का कहना है कि अगले सप्ताह पुल पर भार वहन क्षमता की जांच की जाएगी। सभी औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद पुल पर आवाजाही शुरू कर दी जाएगी।
अप्रैल 2022 में बंद हुआ था 92 साल पुराना लक्ष्मणझूला पुल
16 अप्रैल 2022 को ऐतिहासिक लक्ष्मणझूला पुल को सुरक्षा की दृष्टि से अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया था। आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट के मुताबिक पुल की तारे पूरी तरीके से जर्जर हो चुके थे। लगातार आवागमन की स्थिति में पुल कभी भी गिर सकता था। इसके बाद डीएम टिहरी ने आदेश जारी कर पुल अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया था।

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