बदरीनाथ-केदारनाथ और गंगोत्री धाम में गैर हिन्दुओं पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया। वहीं गंगोत्री मंदिर समिति ने भी निर्णय लिया कि वहां गैर सनातनियों को पंचगव्य पीकर ही मंदिर में प्रवेश की अनुमति होगी। इसके बाद चर्चा थी कि क्या यमुनोत्री में भी ऐसा होगा। इस पर मंदिर समिति ने अपना मत स्पष्ट किया है।
बदरीनाथ-केदारनाथ और गंगोत्री में गैर सनातनियों के प्रवेश पर रोक और पंचगव्य लेकर प्रवेश आदि निर्णय के बीच यमुनोत्री मंदिर समिति ने भी मंगलवार को अपना मत स्पष्ट किया है। समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि यमुनोत्री धाम की यात्रा पर जो श्रद्धालु श्रद्धा से आएगा।
उसका अतिथि देवो भव की परम्परा के साथ स्वागत किया जाएगा। कहा कि यह सरकार का काम है कि वह यात्रा के लिए किसका पंजीकरण कर रही है। यमुनोत्री धाम में किसी से जाति धर्म नहीं पूछा जाएगा।
बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में गैर हिन्दुओं पर रोक लगाने के बाद गंगोत्री मंदिर समिति ने भी निर्णय लिया कि वहां गैर सनातनियों को पंचगव्य पीकर ही मंदिर में प्रवेश की अनुमति होगी। इसके बाद यह चर्चा का विषय बन गया था कि क्या तीनों धामों के बाद यमुनोत्री धाम में भी ऐसे निर्णय को समर्थन दिया जाएगा। इस पर मंगलवार को यमुनोत्री मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने बयान जारी कर इस प्रकार के निर्णय को सिरे से नकार दिया है।
समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने कहा कि चारधाम यात्रा में जो भी आता है। वह सनातनी ही होता है। यह निर्णय लेना सरकार का काम है कि कौन चारधाम यात्रा के लिए जाएगा और कौन पर्यटन के लिए। यमुनोत्री मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष प्रदीप उनियाल का कहना है कि यमुनोत्री धाम में वसुदेव कुटुंबकम की परंपरा के अनुसार सभी श्रद्धालुओं का स्वागत किया जाएगा।

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