तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा” — पीएम के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी*

दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर राज्य के विकास का नया द्वार- मुख्यमंत्री*
बैसाखी के पावन और उत्साहपूर्ण अवसर पर आज मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से सिक्ख समुदाय के एक विशाल एवं गरिमामयी प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस प्रतिनिधिमंडल में हेमकुंड साहिब ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा, उत्तराखंड किसान
आयोग के अध्यक्ष श्री सुरेंद्र सिंह नामधारी, जनसंख्या नियंत्रण समिति के अध्यक्ष श्री दिनेश मंसेरा तथा विधायक श्री सुरेश गड़िया सहित अनेक प्रमुख गणमान्य नागरिक एवं सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री धामी को पारंपरिक रूप से सरोपा भेंट कर सम्मानित किया तथा बैसाखी के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस दौरान वातावरण श्रद्धा, सौहार्द और उत्साह से परिपूर्ण रहा तथा सिख समुदाय की समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों की झलक देखने
को मिली।
इस अवसर पर हेमकुंड साहिब ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री
नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा सिक्ख समुदाय के कल्याण, सम्मान और धार्मिक आस्था के संरक्षण हेतु किए जा रहे कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लिए गए अनेक ऐतिहासिक निर्णयों ने सिक्ख समाज को नई पहचान और सम्मान प्रदान किया
है।
उन्होंने विशेष रूप से हेमकुंड साहिब के लिए
लगभग ₹1740 करोड़ की लागत से प्रस्तावित रोपवे परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह परियोजना श्रद्धालुओं के लिए एक मील का पत्थर सिद्ध होगी। इससे कठिन पर्वतीय यात्रा अत्यंत सरल, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगी तथा बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग श्रद्धालुओं को विशेष लाभ प्राप्त होगा।
श्री बिंद्रा ने “वीर बाल दिवस” के आयोजन को ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए कहा कि इससे गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों के अद्वितीय बलिदान को नई पीढ़ी तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जा रहा है। साथ ही, गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर
सम्मानपूर्वक मनाना सिख इतिहास और संस्कृति
के प्रति देश की आस्था और सम्मान को दर्शाता है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अफगानिस्तान के कंधार से श्री गुरु ग्रंथ साहिब को भारत वापस लाने का ऐतिहासिक कार्य सिख समुदाय के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण रहा
है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए सभी को बैसाखी की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी। उन्होंने कहा कि बैसाखी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, कृषि समृद्धि और सामाजिक एकता का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने भावुकता के साथ अपने बचपन की स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि नानकमत्ता साहिब की पावन भूमि और गुरबाणी का उनके जीवन में विशेष स्थान रहा है। उन्होंने कहा कि गुरबाणी के संदेशों ने उन्हें सदैव सत्य, सेवा और समर्पण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी है।
उन्होंने कहा कि सिख समाज ने सदैव राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाई है। चाहे स्वतंत्रता संग्राम हो, देश की सीमाओं की रक्षा हो या समाज सेवा का कार्य-हर क्षेत्र में सिख समाज का योगदान प्रेरणादायक रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के
नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सिख समुदाय के सम्मान और सुविधा के लिए अनेक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। “वीर बाल दिवस” के माध्यम से साहिबजादों के अद्वितीय बलिदान को
राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है, वहीं गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान को पूरे देश में सम्मानपूर्वक स्मरण किया जा रहा है।
” * तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक” संकल्प से सिद्धि तक *
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा बाबा केदारनाथ धाम से दिया गया यह संकल्प – “तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा”-
आज धरातल पर साकार होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में सड़क, रेल, हवाई कनेक्टिविटी, पर्यटन, तीर्थाटन और आधारभूत
संरचना के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कार्य कर रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप राज्य विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
*दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर: विकास की नई धुरी*
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा आज प्रारंभकिया गया दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर उत्तराखंड के लिए एक ऐतिहासिक और दूरगामी महत्व की परियोजना है। उन्होंने कहा कि इस
कॉरिडोर के निर्माण से दिल्ली से देहरादून की यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा, जिससे पर्यटन,
व्यापार और निवेश को अभूतपूर्व गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर न केवल कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, बल्कि राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा देगा।
* हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना : आस्था और आधुनिकता का संगम *
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि हेमकुंड साहिब के
लिए प्रस्तावित रोपवे परियोजना लगभग ₹1700-₹1800 करोड़ की लागत से विकसित की जा रही है। यह परियोजना आधुनिक तकनीक से सुसज्जित होगी और पर्यावरण संरक्षण के
मानकों का पूर्णतः पालन करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस रोपवे के निर्माण से यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा। साथ ही, यह परियोजना स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाएगी और क्षेत्र में पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
* उत्तराखंड सरकार की सिक्ख समुदाय के लिए प्रतिबद्धता*
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार सिख श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर आधारभूत सुविधाओं का निरंतर विस्तार किया जा
रहा है, जिसमें बेहतर सड़कें, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, आवास और सुरक्षा व्यवस्थाएं शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक श्रद्धालु को उत्तराखंड में एक सुरक्षित, सुविधाजनक और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हो।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने यह भी कहा कि उन्हें जब भी अवसर मिलता है, वे गुरुद्वारों में जाकर सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त करते हैं और इसे अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने पुनः बैसाखी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमें एकता,
परिश्रम और सेवा की भावना को और मजबूत करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से उत्तराखंड विकास के पथ पर निरंतर
अग्रसर रहेगा और देश के अग्रणी राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।

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