April 15, 2026

अब रफ्ता-रफ्ता नहीं, पूरी रफ्तार के साथ आगे बढ़ रहा है भारत : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन कई मायनों में विशेष है। एक ओर जहां दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में उत्तराखंड की विकास यात्रा को नई गति मिल रही है, वहीं यह अवसर भीमराव अंबेडकर की जयंती का भी है। उन्होंने बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने सामाजिक सौहार्द एवं समरसता को मजबूत करने के लिए वंचित वर्ग को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने देशवासियों को बैसाखी और सिख नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमारे सांस्कृतिक वैभव और कृषि परंपराओं का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने बीते वर्षों में अभूतपूर्व प्रगति की है। 2014 के बाद भारत ने आधारभूत संरचना, अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी का तीसरा दशक, उत्तराखंड का दशक बताकर सभी का उत्साहवर्धन किया। प्रधानमंत्री ने सीमांत गांव माणा में आकर उसे देश का प्रथम गांव घोषित किया, इन्वेस्टर समिट के उद्घाटन पर वेड इन उत्तराखंड का संदेश दिया। आदि-कैलाश का दर्शन कर इस तीर्थ को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई, राष्ट्रीय खेलों के उद्घाटन से देवभूमि को खेलभूमि के रूप पहचान दिलाई, हर्षिल मुखबा से शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा दिया एवं रजत जयंती वर्ष के अवसर पर अगले 25 वर्षों के लिए राज्य को एक नया विजन दिया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, प्रधानमंत्री के नेतृत्व मेंउत्तराखंड देश का श्रेष्ठ राज्य बनने के लिए अपने विकल्प रहित संकल्प के साथ “विकास भी और विरासत भी’’ की अवधारणा के अनुरूप प्रत्येक क्षेत्र में कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन का समापन “अब रफ्ता-रफ्ता नहीं, पूरी रफ्तार के साथ आगे बढ़ रहा है भारत”, “अब नक्सलवाद, उग्रवाद और आतंकवाद से जीत रहा है भारत”, “अब अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार के साथ-साथ नवाचार में भी कीर्तिमान बना रहा है भारत” कविता से किया। मुख्यमंत्री ने कविता के माध्यम से प्रधानमंत्री के नेतृत्व, विकास कार्यों और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण को सराहा और आभार व्यक्त किया।

इससे पहले, मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को नंदा राजजात यात्रा पर आधारित स्मृति चिन्ह भेंट किया, जिसमें मां नंदा की डोली, यात्रा की अगुवाई करते खाड़ू तथा स्थानीय लोगों का सुंदर चित्रण किया गया है।

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