नैनीताल में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में अभद्र आचरण की कड़ी निंदा विषयक।

नैनीताल में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस प्रदर्शनकारियों द्वारा अभद्र एवं आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग तथा अमर्यादित व्यवहार किए जाने की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, अनुचित एवं घोर निंदनीय है।
लोकतंत्र में विरोध एवं असहमति का अधिकार सभी को है, लेकिन इस अधिकार की आड़ में किसी लोक सेवक को गाली-गलौज, अभद्रता, अपमानजनक व्यवहार अथवा सरकारी कार्यालय की गरिमा भंग करना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में इस प्रकार का आचरण न केवल संबंधित अधिकारी का अपमान है, बल्कि पुलिस सेवा की संस्थागत गरिमा और प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति भी गंभीर असम्मान है।
राजनीतिक असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, किंतु असहमति की आड़ में अपमान और अभद्रता लोकतांत्रिक अधिकार नहीं है। स्पष्ट है कि लोकतांत्रिक विरोध के नाम पर लोक सेवकों के साथ इस प्रकार की अभद्रता एवं अमर्यादित व्यवहार किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य योग्य नहीं है। उत्तराखण्ड IPS एसोसिएशन इस घटना की घोर निंदा एवं अत्यंत कड़े शब्दों में भर्त्सना करती है।

More Stories
उफनती गंगा में जिंदगी और मौत के बीच फंसी थी सांसें, उत्तराखंड पुलिस के जांबाजों ने बचाई कांवड़िए की जान
सार्वजनिक स्थान पर जुआ खेलने वाले 05 अभियुक्तों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
हारी सीटों को जीत में बदलने के लिए, भाजपा कोर कमेटी सदस्यों को विधानसभावार संगठनात्मक प्रवास की जिम्मेदारी