February 18, 2026

सीएम धामी ने किया ‘चंपावत सरस कॉर्बेट महोत्सव–2026’ का शुभारम्भ

* मल्टीस्टोरी पार्किंग और सड़कों के सुदृढ़ीकरण से जाम की समस्या पर निर्णायक प्रहार*

* मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत देवीथूरा

वाराही मंदिर का विकास कार्य तेज*

* माँ पूर्णागिरी मंदिर के लिए 45 करोड़ का रोपवे निर्माण थार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई

* टनकपुर से बनबसा तक शारदा रिवर फ्रंट विकसित होगा – धार्मिक स्थलों को जोड़ेगा शारदा कॉरिडोर

*55 करोड़ से टनकपुर-जौलजीबी मार्ग पर स्पान आर्च पुल, 33 करोड़ से सड़क सुधारीकरण कार्य

 

जारी*

 

* भारत-नेपाल सीमा पर 177 करोड़ का ड्राई पोर्ट – क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई ताकत*

 

*57 करोड़ से बन रहा साइंस सेंटर विज्ञान

 

और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा*

 

*वे-साइड एमेनिटीज सेंटर और चूका को वेडिंग

 

डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में तेज़ी से काम जारी*

 

* चंपावत को साहसिक पर्यटन का राष्ट्रीय हब बनाने का लक्ष्य पैराग्लाइडिंग से रिवर राफ्टिंग तक होंगे आयोजन *

 

” * विकास भी और विरासत भी” के संकल्प के

 

साथ चंपावत को आदर्श जिला बनाने की घोषणा

 

* शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महोत्सव को “शीतकालीन कॉर्बेट महोत्सव” का

 

स्वरूप

 

* माँ पूर्णागिरी रोपवे, देवीधूरा मंदिर विकास और शारदा रिवर फ्रंट से पर्यटन को नई उड़ान *

 

* स्थानीय उत्पादों को मिलेगा वैश्विक मंच –

 

Vocal for Local’ से ‘Local for Global’ की दिशा में बड़ा कदम *

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय, देहरादून से वर्चुअल माध्यम से ‘चंपावत

 

सरस कॉर्बेट महोत्सव-2026’ का शुभारम्भ

 

किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि चंपावत के प्रत्येक घर में इन दिनों उत्साह और उमंग का वातावरण है। उन्होंने

 

उल्लेख किया कि होली का पर्व समीप है और

 

काली कुमाऊँ की होली अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक

 

पहचान के कारण पूरे देश में अलग स्थान रखती है। बैठकी होली, खड़ी होली, चौफुला, सुर-ताल

 

और लोकसंस्कृति का ऐसा अद्भुत संगम देश में विरल ही देखने को मिलता है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत की पुण्य भूमि

 

इतिहास, अध्यात्म और संस्कृति की धरोहर रही है।

 

उनके अनुसार ‘चंपावत सरस कॉर्बेट महोत्सव-2026′ केवल सात दिनों का आयोजन नहीं,

 

बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक गरिमा, प्राकृतिक

 

सौंदर्य, मातृशक्ति के सामर्थ्य, युवाओं के उत्साह और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के संकल्प का जीवंत

 

उत्सव है। उन्होंने जानकारी दी कि इस वर्ष

 

महोत्सव को “शीतकालीन कॉर्बेट महोत्सव” के रूप में भी आयोजित किया जा रहा है, जिससे

 

प्रदेश में शीतकालीन पर्यटन को नई गति मिलेगी।

 

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि महोत्सव के अंतर्गत पैराग्लाइडिंग, माउंटेन बाइकिंग, हॉट एयर

 

बलून, रिवर राफ्टिंग, पैरामोटरिंग, पक्षी अवलोकन

 

और ट्रेकिंग जैसी साहसिक गतिविधियों के माध्यम से चंपावत को राष्ट्रीय स्तर पर साहसिक पर्यटन के

 

मानचित्र पर स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित

 

किया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से युवाओं को नए अवसर मिलेंगे तथा

 

स्थानीय स्तर पर रोजगार के साधन विकसित होंगे।

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि जिम

 

कॉर्बेट और उनकी कहानियाँ देश-दुनिया में प्रसिद्ध हैं। उनकी आत्मकथाओं के माध्यम से चंपावत-

 

लोहाघाट क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर वन्यजीव

 

प्रेमियों और टाइगर लवर्स के बीच पहचान मिली।

 

वर्ष 1907 में चंपावत क्षेत्र में कुख्यात आदमखोर

 

बाघिन का अंत कर उन्होंने सैकड़ों लोगों की जान बचाई और आगे चलकर वन्यजीव संरक्षण की

 

प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यही कारण है कि

 

यह क्षेत्र आज भी साहस, इतिहास और प्रकृति प्रेम

 

का अद्भुत केंद्र माना जाता है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि महोत्सव में मधुबनी

 

चित्रकला एवं आधुनिक कला कार्यशालाएं, क्विज

 

प्रतियोगिता, विज्ञान प्रदर्शनी, लोक संस्कृति कार्यक्रम और जागरूकता कार्यशालाएं इसे

 

बहुआयामी स्वरूप प्रदान करेंगी। साथ ही आयोजित खाद्य उत्सव पारंपरिक व्यंजनों को नई

 

पहचान देगा। स्थानीय उत्पादों और व्यंजनों का

 

यह संगम नई पीढ़ी को अपनी खाद्य संस्कृति से परिचित कराने के साथ स्थानीय उत्पादकों की

 

आय बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन Vocal for Local’ की

 

भावना को सशक्त करते हुए ‘Local for

 

Global’ का मार्ग प्रशस्त करेगा।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद चंपावत को आदर्श

 

एवं श्रेष्ठ जिला बनाने के उद्देश्य से अनेक विकासपरक परियोजनाओं पर निरंतर कार्य किया

 

जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में 20 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड के

 

क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण कराया जा रहा

 

है। विभिन्न मोटर मार्गों के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण के साथ जाम की समस्या के समाधान हेतु मल्टीस्टोरी पार्किंग का निर्माण भी किया जा रहा

 

है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत देवीधूरा वाराही मंदिर का

 

विकास कार्य किया जा रहा है तथा माँ पूर्णागिरी

 

मंदिर के लिए लगभग 45 करोड़ रुपये की लागत से रोपवे निर्माणाधीन है। पर्यटन को बढ़ावा देने के

 

उद्देश्य से शारदा कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत टनकपुर से

 

बनबसा तक शारदा रिवर फ्रंट का विकास किया जाएगा। इस परिक्रमा मार्ग से माँ पूर्णागिरी धाम, चूका, श्यामलाताल और शारदा घाट जैसे प्रमुख

 

धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को जोड़ा जाएगा।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए चंपावत में वे-साइड एमेनिटीज केंद्र का

 

निर्माण किया गया है तथा चूका क्षेत्र को वेडिंग

 

डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में

 

भी कार्य जारी है। अमोड़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया गया है और अमोड़ी में हाउस

 

ऑफ हिमालया के विपणन केंद्र की स्थापना की

 

गई है। सूखीढांग से डाडामीनार मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण एवं डामरीकरण के साथ हनुमानगढ़ी से खेतखेड़ा के बीच स्पान आर्च पुल का निर्माण

 

कराया गया है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि टनकपुर से जौलजीबी मार्ग

 

पर लगभग 55 करोड़ रुपये की लागत से स्पान आर्च पुल का निर्माण किया जा रहा है तथा 33

 

करोड़ रुपये की लागत से मार्ग का सुधारीकरण भी

 

हो रहा है। भारत-नेपाल सीमा पर 177 करोड़

 

रुपये की लागत से ड्राई पोर्ट का निर्माण क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा। विज्ञान और

 

नवाचार को प्रोत्साहन देने के लिए 57 करोड़ रुपये की लागत से साइंस सेंटर का निर्माण भी प्रगति पर

 

है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों की सूची अत्यंत विस्तृत है और सभी का उल्लेख करना संभव नहीं, किंतु वे चंपावत को आदर्श जिला

 

बनाने के अपने संकल्प को पूर्ण किए बिना विश्राम नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास

 

के साथ-साथ प्रदेश की पहचान, संस्कृति और

 

सामाजिक संतुलन की रक्षा के लिए संकल्पित है। ” विकास भी और विरासत भी” के विकल्प रहित

 

संकल्प के साथ उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य

 

बनाने की दिशा में सरकार प्रतिबद्ध है।

 

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि चंपावत की जनता का सहयोग और समर्थन इस संकल्प को

 

साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में

 

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