अल्मोड़ा। प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना की समीक्षा बैठक शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह योजना जिले की कृषि व्यवस्था में सार्थक बदलाव लाने का एक बड़ा माध्यम है, इसलिए सभी विभाग समन्वित, वैज्ञानिक और लक्ष्य आधारित दृष्टिकोण के साथ कार्य करें।
बैठक में डीएम ने कहा कि कृषि विकास के लिए सबसे पहले उन क्षेत्रों की पहचान करना अनिवार्य है जहाँ उत्पादन बढ़ाने की वास्तविक संभावना मौजूद है। इसके लिए जमीन की प्रकृति, सिंचाई की उपलब्धता, फसल पैटर्न और स्थानीय परिस्थितियों का विस्तृत अध्ययन आवश्यक होगा।
डीएम ने जिले में एक-दो स्थानों पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में आधुनिक कृषि मॉडल विकसित किए जाने के निर्देश दिए। जिनके परिणामों के आधार पर आगे बड़े पैमाने पर विस्तार किया जा सके। डीएम ने जोर देकर कहा कि धन-धान्य योजना का उद्देश्य केवल कृषि उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों के जीवन में स्थायी सुधार लाना है, और इसके लिए परिणाम-आधारित कार्य संस्कृति आवश्यक है।
बैठक में पानी की कमी, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, जंगली जानवरों से फसल की सुरक्षा, तारबाड़ की व्यवस्था तथा फसल की गहनता बढ़ाने पर विशेष रूप से चर्चा हुई।

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