हरिद्वार, 16 फरवरी। जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 51 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 28 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई हेतु प्रेषित किया गया।
जनसुनवाई में राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत, राशन कार्ड, अतिक्रमण, पेयजल, जलभराव एवं सीवर जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। गुलफाम ने अपनी पुत्री के जन्म प्रमाण पत्र के लिए प्रार्थना पत्र दिया, जबकि अजय नौटियाल एवं तेजपाल ने भूमि की पैमाइश को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया। शैफील्ड स्कूल प्रबंधन ने सिडकुल क्षेत्र में मार्ग की खराब स्थिति और सीवर समस्या से छात्रों को हो रही परेशानी से अवगत कराया। वहीं विवेक विहार में जलभराव, ब्रह्मपुरी में अधूरा नाली निर्माण और औरंगाबाद में पेयजल कनेक्शन की समस्या भी उठाई गई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही सीएम हेल्पलाइन में लंबित 36 दिन से अधिक पुरानी शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। वर्तमान में एल-1 स्तर पर 536 तथा एल-2 स्तर पर 116 शिकायतें लंबित हैं, जिनके समाधान के लिए अधिकारियों को तत्परता बरतने को कहा गया।
बैठक मे अपर जिलाधिकारी दीपेंद्र सिंह नेगी, अपर जिलाधिकारी पी आर चौहान, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, सहायक परियोजना निर्देशक नलिनीत घिल्डियाल, जिला पंचायतराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, प्रोजेक्ट मैनेजर पेयजल निगम (गंगा) मीनाक्षी मित्तल, जिला अर्थ संख्या आधिकारी नलिनी ध्यानी, मुख्य कृषि अधिकारी गोपाल सिंह भण्डारी, जिला क्रीड़ा अधिकारी शबाली गुरूंग, परियोजना निर्देशक उरेडा वाई एस बिष्ट सहित जिला स्तरीय सम्बन्धित अधिकारी एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने की जिला योजना की समीक्षा बैठक, जिला योजना के अंतर्गत स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष अवशेष धनराशि को 28 फरवरी तक अनिवार्य रूप से व्यय करने के दिए निर्देश
हरिद्वार 16 फरवरी। जिला योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025- 26 के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनों के लिए स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष अवशेष धनराशि के संबंध में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जिला कार्यालय सभागार कक्ष में जिला योजना की समीक्षा की।
उन्होंने सभी जिलास्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए है कि जिला योजना के अंतर्गत जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए जो धनराशि स्वीकृत की गई है तथा जिन विभागों द्वारा अभी तक धनराशि का व्यय नहीं किया गया है, ऐसे विभाग अवशेष धनराशि को 28 फरवरी तक अनिवार्य रूप से व्यय करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि 28 फरवरी तक धनराशि व्यय न होने के दशा में आवेश धनराशि को किसी अन्य विभाग को निर्गत की जाएगी जिसका पूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित अधिकारी का होगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को सचेत किया है कि जिनके द्वारा शेष धनराशि व्यय नहीं की गई है तथा जो भी कार्य किया जाना है उसे शीर्ष प्राथमिकता से पूर्ण करते हुए तथा व्यय की गई धनराशि का प्रमाण पत्र अर्थ संख्या आधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक मे अपर जिलाधिकारी पी आर चौहान, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, जिला पंचायतराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, जिला अर्थ संख्या आधिकारी नलिनी ध्यानी, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, प्रोजेक्ट मैनेजर पेयजल निगम (गंगा) मीनाक्षी मित्तल, मुख्य कृषि अधिकारी गोपाल सिंह भण्डारी, जिला क्रीड़ा अधिकारी शबाली गुरूंग, परियोजना निर्देशक उरेडा वाई एस बिष्ट सहित जिला स्तरीय सम्बन्धित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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