अल्मोड़ा। उत्तराखण्ड लोक वाहनी ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की अस्मिता की रक्षा व सरकार की पर्यटन नीति पर अंकिता प्रकरण एक काला धब्बा है। उलोवा ने सोशल मीडिया में वायरल हो रहे आरोप प्रत्यारोप का संज्ञान लेते हुए अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच कराकर सच जनता के सामने रखने की मांग की है।
रेवती बिष्ट की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने धार्मिक पर्यटन के नाम पर धर्मस्थलों को मौजमस्ती का अड्डा बना दिया है। युवा नशे की गिरफ्त में जा रहे हैं। लेकिन कार्यवाही करने के लिस पुलिस के हाथ बधे हुए हैं।
वक्ताओं ने सरकार एसआईआर के माध्यम से पहाड़ में वोटरों की संख्या कम कर पहाड़ विधानसभा की सीटों को कम करने का कुचक्र रच रही है। विवाहित महिलाओं व रोजगार के लिए बाहर गए लोगों को अपना वोट बचाने व बनाने के लिए समन्यवय स्थापित करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उलोवा ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि वास्तविक जनसंख्या की जांच करने व परिसीमन के मानकों के लिए परिवार रजिस्टर को दुरुस्त करने के साथ ही भौगोलिक मानकों को भी स्थापित करना चाहिए। साथ ही पहाड़ों में जमीनों की खरीद फरोख्त पर रोक लगाने की मांग की।
बैठक में पूरन चंद्र तिवारी, एड. जगत रौतेला, दयाकृष्ण काण्डपाल, अजयमित्र सिह बिष्ट, जंगबहागुर थापा, बिशन दत्त जोशी, एड. अजय मेहता, हारिस मोहम्मद आदि मौजूद रहे।

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