अल्मोड़ा। सरकारी सस्ता गल्ला के दुकानों से वितरित होने वाले नमक में मिलावट की पुष्टि होने के मामले में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने जिम्मेदारों पर कार्रवाई करने की बात कही हैं। मंत्री ने कहा कि सरकार मामले को लेकर गंभीर है। खाद्य पदार्थों में मिलावट बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है।
मंत्री ने मीडिया को दिए एक बयान में कहा कि नमक में मिलावट संबंधी शिकायतें प्राप्त होते ही सरकार द्वारा तुरंत सैंपलिंग कराई गई। जिसके बाद सैंपल जांच के लिए रुद्रपुर लैब में भेजे गए थे। जांच लैब से प्राप्त रिपोर्ट के बाद नमक के उठान व सप्लाई को रोक दिया गया है। साथ ही केंद्र सरकार की ओर से नामित एजेंसी राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड (एनसीसीएफ) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। फिलहाल विभाग एजेंसी की रिपोर्ट के इंतजार में है। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि एजेंसी की ओर से रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में कई जगहों पर सस्ता गल्ला की दुकानों से वितरित हुए सरकारी नमक में रेत की मिलावट की शिकायतें सामने आई थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए थे। जिसके बाद व्यापक स्तर पर नमक की सैंपलिंग हुई।
हाल ही में रुद्रपुर जांच लैब से सामने आई जांच रिपोर्ट ने सभी को चौंका दिया था, जहां नमक के 12 में से 10 सैंपल फेल पाए गए थे। हालांकि, सीएम धामी ने पूर्व में ही स्पष्ट किया था कि मामले में जो भी उत्तरदाई होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सरकारी नमक वितरण पर लोगों ने उठाएं सवाल
अल्मोड़ा। सरकारी नमक में मिलावट की पुष्टि होने के बाद अब तमाम सवाल उठ रहे हैं। नमक भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण के मानकों को पूरा करता है या नहीं, यह सुनिश्चित करना सरकार का काम है। जिसके बाद ही नमक का वितरण होना चाहिए था। लोगों का कहना है कि आयोडिनयुक्त नमक का दावा कर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया गया है। मामला बेहद गंभीर है। जिस स्तर पर भी लापरवाही हुई है, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
एनसीसीएफ को सौंपी गई है नमक आपूर्ति की जिम्मेदारी
अल्मोड़ा। जून 2024 से प्रदेश में लागू मुख्यमंत्री नमक पोषण योजना के तहत नमक का वितरण किया जा रहा है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के राशन कार्ड धारकों को प्रत्येक माह एक किलोग्राम आयोडीन युक्त नमक आठ रुपये में वितरित किया जाता है। इस नमक का वितरण केंद्र सरकार की ओर से नामित संस्था भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड (एनसीसीएफ) की ओर से किया जाता है।

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