October 31, 2026

कुंभ से पहले सड़कों को लेकर DM का अल्टीमेटम, 15 दिन में गड्ढे और सर्विस लेन दुरुस्त करने के निर्देश

हरिद्वार। कुंभ मेला-2027 से पहले हरिद्वार की सड़कों को चकाचक करने की कवायद तेज हो गई है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद जिलाधिकारी मयूर दीक्षित खुद निर्माण कार्यों की हकीकत परखने सड़क पर उतर पड़े। शनिवार को उन्होंने रुड़की से बहादराबाद और हरिद्वार तक विभिन्न स्थानों पर चल रहे कुंभ निर्माण कार्यों और सड़क मरम्मत कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान जहां काम की रफ्तार परखी, वहीं अधिकारियों को समयसीमा में काम पूरा करने का अल्टीमेटम भी दिया।

 

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि रुड़की के बड़ेड़ी राजपूताना से बहादराबाद टोल प्लाजा तक सड़क मरम्मत और सर्विस लेन निर्माण का काम हर हाल में अगले 15 दिनों के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने साफ कहा कि कुंभ से पहले सड़कों की बदहाल स्थिति और निर्माण कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 

डीएम ने निर्माण कार्यों की धीमी गति को देखते हुए श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल कागजों पर प्रगति दिखाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि धरातल पर भी निर्माण कार्य तेजी से दिखाई देने चाहिए। सभी विभाग पर्याप्त श्रमिक और संसाधन उपलब्ध कराकर गुणवत्ता के साथ काम पूरा करें।

 

इसके बाद जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की ओर से शंकराचार्य चौक से डाम कोठी क्षेत्र में कराए जा रहे सड़क सुधारीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि सड़कें जल्द दुरुस्त हों, ताकि स्थानीय लोगों के साथ कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को भी आवागमन में परेशानी न उठानी पड़े।

 

डीएम ने स्पष्ट किया कि कुंभ मेला-2027 की तैयारियां शासन की प्राथमिकता हैं। विभागों के बीच समन्वय की कमी या किसी समस्या के कारण काम नहीं रुकना चाहिए। जरूरत पड़ने पर उच्चाधिकारियों से तत्काल समन्वय बनाकर बाधाएं दूर की जाएं।

 

निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग विकास त्यागी, एसडीओ भारत भूषण, तहसीलदार रुड़की विकास अवस्थी, राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारी और ठेकेदार मौजूद रहे।

 

अब निगाहें 15 दिन की समयसीमा पर हैं। देखना होगा कि अधिकारियों का यह अल्टीमेटम सड़कों की सूरत कितनी जल्दी बदल पाता है।

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