October 2, 2026

देहरादून में अवैध सिम बॉक्स के माध्यम से संचालित हो रहे संदिग्ध कॉल सेंटर का STF की साइबर क्राइम टीम ने किया भंडाफोड़

देहरादून

 

मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के साइबर अपराध मुक्त उत्तराखण्ड के संकल्प एवं पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड दीपम सेठ के दिशा-निर्देशन में साइबर अपराध एवं साइबर अपराधियों के विरुद्ध STF की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में DOT से प्राप्त इनपुट के आधार पर देहरादून क्षेत्र में संदिग्ध सिम बॉक्स के संचालन की जानकारी दी गयी थी। जिसके माध्यम से सक्रिय संदिग्ध मोबाइल नंबरों के विरुद्ध चक्षु पोर्टल एवं OTT प्लेटफॉर्म पर शिकायतें दर्ज होना पायी गयी। उक्त टेलीकॉम सेटअप दूरसंचार विभाग के निर्धारित मानकों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित नहीं होना पाया गया।

 

प्रकरण की गंभीरता के दृष्टिगत *वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ* द्वारा तत्काल अपर पुलिस अधीक्षक साइबर श्री शान्तनु परासर के निर्देशन में एक टीम गठित कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश निर्गत किये गये में गठित टीम द्वारा जांच एवं तकनीकी साक्ष्य संकलित किये जाने के उपरांत दूरसंचार विभाग को साथ में लेकर जीएमएस रोड, कमला पैलेस के निकट स्थित कैरियर हाउस बिल्डिंग में संचालित SINGH ASSET RECON SERVICES PRIVATE LIMITED (SARS) के कार्यालय में छापेमारी की गयी।

 

कम्पनी के कार्यालय में अवैध रुप से काँल सेन्टर संचालित किया जाना पाया गया। कम्पनी के द्वारा काँलिंग के लिये DINSTAR कंपनी का 32 स्लॉट वाला सिम बॉक्स प्रयोग में लाया जा रहा था। दूरसंचार विभाग की अधिकारी द्वारा सिम बॉक्स की पुष्टि की गयी तथा उनके द्वारा बताया गया कि उक्त उपकरण के माध्यम से कॉल की वास्तविक पहचान छिपाकर धोखाधड़ी एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया जा सकता है तथा इसका प्रयोग दूरसंचार विभाग की निर्धारित गाइडलाइन का उल्लंघन है।

 

कम्पनी के कार्यालय की तलाशी के दौरान विभिन्न स्थानों से कुल 45 सिम कार्ड (43 BSNL, 02 Jio एवं 01 VI कंपनी के सिम कार्ड सहित, उपलब्ध विवरण के अनुसार), 01 DELL कंपनी का लैपटॉप, 02 XSTREAM FIBER राउटर, 04 GB RAM, 02 ATM कार्ड तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए। लैपटॉप की जांच में SBI, BOB, AXIS BANK, POONAWALLA FINANCE, YES BANK, RBL आदि बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों के ग्राहकों के क्रेडिट कार्ड से संबंधित डेटा सहित अन्य महत्वपूर्ण डेटा प्राप्त हुआ। जिस सम्बन्ध में अग्रिम विवेचना की जा रही है।

 

अभियुक्तगणों के द्वारा पूछताछ में बताया कि उक्त कॉल सेंटर से लोगों को क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने एवं उससे संबंधित लाभ बताने के नाम पर कॉल की जाती थी। कई बार ग्राहकों से शीघ्र धनराशि जमा कराने के लिए धमकी भरे कॉल एवं गाली-गलौच कर दबाव बनाया जाता था, जिससे ग्राहक डरकर अपनी संवेदनशील जानकारी एवं धनराशि उपलब्ध करा देते थे। इसके अतिरिक्त कॉल सेंटर में लगभग 39 अन्य युवक-युवतियों को भी कार्य पर रखा गया था, जिन्हें कमीशन के आधार पर भुगतान किया जाता था।

 

जांच में यह भी प्रकाश में आया कि कॉल सेंटर द्वारा TRAI की निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार कस्टमर हेल्पलाइन की 1600 नंबर सीरीज का प्रयोग नहीं किया जा रहा था, बल्कि व्यक्तिगत मोबाइल नंबरों से ग्राहकों को कॉल कर धमकाया जाता था। उक्त गतिविधियां प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी, प्रतिरूपण, पहचान संबंधी जानकारी के दुरुपयोग एवं दूरसंचार विभाग के निर्धारित मानकों के उल्लंघन से संबंधित पाए जाने पर पुलिस टीम द्वारा कम्पनी के मैनेजर एंव रिजनल मैनेजर दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। जिनके विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।

 

*गिरफ्तार अभियुक्त*

1. लक्ष्मण प्रसाद पुत्र श्रीपत, निवासी सेखन फाटक, चरखारी स्टेट, महोबा, उत्तर प्रदेश, हाल निवासी चन्द्रमणी फेस-2, थाना पटेलनगर, देहरादून। (कम्पनी मैनेजर)

2. जगमोहन सिंह रावत पुत्र धर्मेन्द्र सिंह रावत, निवासी डीए-87, तृतीय तल, माता चौक, रंगपुरी, थाना बसंत कुंज, नई दिल्ली। (कम्पनी रीजनल मैनेजर)

 

*बरामदगी*

1. एक DINSTAR कंपनी का 32 स्लॉट सिम बॉक्स, मॉडल UG2000-VG-32G, सीरियल नंबर D45050734240156 मय चार्जिंग केबल।

2. कुल 45 सिम कार्ड (BSNL, Jio एवं VI कंपनी के)।

3. एक DELL कंपनी का लैपटॉप मय चार्जर।

4. दो XSTREAM FIBER राउटर मय चार्जर।

5. एक SK Hynix कंपनी की 04 GB RAM।

6. दो ATM कार्ड (SBI एवं YES BANK)।

 

*पंजीकृत अभियोग*

अभियुक्तगण के विरुद्ध मु0अ0सं0 49/2026 संबंधित साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, देहरादून में धारा 318(4), 319(1), 61(2), 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023, धारा 66(C), 66(D) सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम एवं धारा 42(1), 42(3) दूरसंचार अधिनियम 2023 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है। अग्रिम विवेचना की जा रही है।

 

*पुलिस टीम*

1. निरीक्षक आशीष गुसाईं

2. निरीक्षक त्रिभुवन रौतेला

3. उ0नि0 राजेश ध्यानी

4. उ0नि0 वजिन्द्र सिंह नेगी

5. उ0नि0 हिम्मत सिंह

6. उ0नि0 जगमोहन राणा

7. उ0नि0 मुकेश चन्द

8. अपर उ0नि0 गोपाल सिंह

9. अपर उ0नि0 पवन कुमार

10. हे0का0 दिनेश पालीवाल

11. का0 नीरज नेगी

12. का0 नितीन

13. का0 सुधीश खत्री

 

दूरसंचार विभाग की ओर से श्रीमती मीनू कुमारी, जूनियर टेलीकॉम ऑफिसर, DOT/MOC UPW LSA उत्तराखण्ड फील्ड यूनिट देहरादून।

 

*वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ* ने बताया कि एसटीएफ उत्तराखण्ड द्वारा साइबर अपराध एवं अवैध दूरसंचार गतिविधियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। आमजन से अपील है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंकिंग एवं क्रेडिट कार्ड संबंधी गोपनीय जानकारी, OTP अथवा अन्य संवेदनशील विवरण साझा न करें। बैंक अथवा वित्तीय संस्थान के नाम पर आने वाली संदिग्ध कॉल से सतर्क रहें तथा किसी भी प्रकार की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

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