धामी कैबिनेट में आए प्रस्ताव में कहा गया कि खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के तहत गेहूं और धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य खरीद पर मंडी शुल्क दो प्रतिशत लिया जाएगा।
गेहूं और धान खरीद पर अब मंडी शुल्क और सेस ढाई की जगह मात्र दो प्रतिशत लिया जाएगा। कैबिनेट बैठक में इसके प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है।
धामी कैबिनेट में आए प्रस्ताव में कहा गया कि खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के तहत गेहूं और धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य खरीद पर मंडी शुल्क दो प्रतिशत लिया जाएगा। बताया गया कि मंडी शुल्क और सेस के रूप में पहले इसे ढाई प्रतिशत लिया जा रहा था, इसमें से आधा प्रतिशत सेस की प्रतिपूर्ति केंद्र सरकार करती थी लेकिन करीब तीन साल पहले केंद्र सरकार की ओर से प्रतिपूर्ति बंद कर दी गई। गेहूं और धान की खरीद पर आढ़तियों और राइस मिल मालिकों से यह शुल्क लिया जाता है।
परिनियम के प्रख्यापन की दी मंजूरी
कैबिनेट ने स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय से संबंधित या उससे अनुषांगिक विषयों का उपबंध एवं नियमन करने के लिए परिनियम के प्रख्यापन की मंजूरी दी गई। प्रस्ताव में कहा गया कि उच्च शिक्षा विभाग के तहत उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम 2023 की धारा 36 के तहत यह मंजूरी दी गई।

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