April 14, 2026

लोक संस्कृति का संगम: झोड़ा, चांचरी और भगनौल से सराबोर हुआ स्याल्दे-बिखौती मेला

(अल्मोड़ा): ऐतिहासिक, पौराणिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संजोए स्याल्दे-बिखौती मेले के दूसरे दिन न्यौज्यूला धड़े के मेलार्थियों ने नगाड़े-निसाण एवं परम्परिक वाद्य यंत्रों ढ़ोल दमांऊ रणसिंहा व शौर्य का प्रतीकात्मक प्रदर्शन कर हुड़के की थाप पर मुख्य मेला स्थल पर ओड़ा भेंटने की रस्म अदा की। इस दौरान लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली।

मेलार्थियों ने पारंपरिक वेशभूषा में लोकगीतों और नृत्यों की शानदार प्रस्तुति दी। ढोल-दमाऊं, रणसिंघा व शंख की ध्वनि के बीच पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना रहा। ग्रामीण क्षेत्रों से आए दलों ने झोड़ा, चांचरी, भगनौल जैसे लोकनृत्यों की प्रस्तुति दी। इस बार तल्ली कहाली, ध्याड़ी, कोंला, हाट, भुमकिया, छतेंणा, ईड़ा, सलाल खोला, बमनपुरी के मेलार्थियों ने ओड़ा भेंटने की रस्म अदा की।

इससे पूर्व विधायक मदन सिंह बिष्ट एवं मेला कमेटी नप अध्यक्ष संगीता आर्या सहित मेला कमेटी के सदस्यों ने रिबन काटकर एवं मेलार्थियों का माल्यार्पण कर मेले का शुभारंभ किया। विधायक मदन बिष्ट ने कहा कि मिले हमारी संस्कृति के द्योतक हैं। पारंपरिक लोक संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने सार्थक सिद्ध होते हैं।

नगर पंचायत अध्यक्ष संगीता आर्या ने कहा कि मेले को भव्य बनाने के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं।

यहाँ पूर्व विधायक महेश नेगी, पुष्पेश त्रिपाठी, ब्लॉक प्रमुख आरती किरौला, हेम रावत, अनिल शाही, आशुतोष शाही, पूर्व प्रमुख दीपक किरौला, अनिल शाही, व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र कांडपाल, आशीष वर्मा, नारायण रावत, गिरीश चौधरी, हेम रावत, कैलाश भट्ट, जगत सिंह, नरेंद्र अधिकारी, उदय किरौला, गोपाल बिष्ट, भवानी राम, नागेश साह आदि लोक संस्कृति को जीवंत रखने वाले लोग मौजूद रहे।

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