ढेला रेस्क्यू सेंटर एवं वन्य जीव/पशु चिकित्सालय का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध उपचार सुविधाओं, पुनर्वास व्यवस्थाओं तथा वन्यजीव संरक्षण के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की समीक्षा की।
- निरीक्षण के दौरान केंद्र में उपचाराधीन घायल एवं बीमार वन्यजीवों की स्थिति की जानकारी प्राप्त की तथा चिकित्सकीय सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था, उपकरणों की उपलब्धता एवं आपातकालीन सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए रेस्क्यू एवं पुनर्वास प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि स्वस्थ होने के पश्चात वन्यजीवों को सुरक्षित प्राकृतिक आवास में शीघ्र पुनर्स्थापित किया जा सके।
मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वन एवं वन्यजीव उत्तराखंड की समृद्ध जैव विविधता की पहचान हैं। राज्य सरकार संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है तथा इस दिशा में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
इस अवसर पर विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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