पांच दिवसीय दिवाली उत्सव की आज धनतेरस से शुरुआत हो गई है। धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देव की पूजा का विधान है। इसके अलावा घरों में भगवान धन्वंतरि की उपासना भी की जाती है।
धनतेरस के साथ आज शनिवार से पांच दिवसीय दीपावली उत्सव का आगाज हो गया। पूजा-अर्चना के साथ बाजार में धनवर्षा हुई। शुभ मुहूर्त में दूनवासी खरीदारी करने निकले। बाजार में रौनक देखने को मिली। धनतेरस के बाद दीपावली, गोवर्धन और भाईदूज का पर्व भव्य रूप से मनाया जाएगा।
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर आज शनिवार को धनतेरस का पर्व मनाया गया। धनतेरस पर इस बार ब्रह्म योग और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र का संयोग बन रहा है। शुक्रवार को भी दिनभर बाजार गुलजार रहा। व्यापारियों ने धनतेरस के लिए अपने प्रतिष्ठानों को सजाया।
ज्योतिषाचार्य डॉ. सुशांत राज ने बताया कि कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि 18 अक्तूबर को दोपहर 12:18 बजे शुरू होकर 19 अक्तूबर को दोपहर 1:51 बजे तक रहेगी। ऐसे में प्रदोष काल को देखते हुए धनतेरस का पर्व 18 अक्तूबर को है।
पंचांग के अनुसार 18 अक्तूबर की सुबह ब्रह्म योग शुरू हुआ और रात 1:48 बजे तक रहेगा। वहीं, उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र शनिवार दोपहर 3:41 बजे के बाद से शुरू होगा। वहीं, बाजार में व्यापारियों ने दुकानों को सजाने के साथ ही ग्राहकोंं को लुभाने के लिए आकर्षक ऑफर भी रखे हैं।

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